जलागार प्रचालन व बाढ़ प्रबंधन

वायरलेस सुविधाओं से संपन्न एक बृहद् जल मौसम वैज्ञानी कार्यजाल दामोदर स्रवण क्षेत्र में विद्यमान है । हाल में, उच्च घाटी में विभिन्न स्थलों पर 39 स्वचलित वृष्टि मापक संस्थापित किये गये हैं । विभिन्न केन्द्रों से नदी गेज, वृष्टिपात, नदी प्रवाह का रियल टाइम डाटा मापे जाते हैं तथा मैथन अवस्थित केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण केन्द्र को विद्यमान संचार नेटवर्क के माध्यम पारेषित किये जाते हैं । संपूर्ण दामोदर घाटी क्षेत्र हेतु 48 घंटा वृष्टिपात पूर्वानुमान तथा 72 घंटा वृष्टिपात सूचना भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएणडी), कोलकाता द्वारा प्रदान की जाती है । जिसे प्रत्येक 12 घंटे पर अद्यतन किया जाता है । मैथन स्थित बाढ़ पूर्वानुमान इकाई (एफएफयू) आईएमडी के रियल टाइम डेटा एवं वृष्टिपात पूर्वानुमान पर आधारित जलागारों में अंतर्वाह पूर्वानुमानित करती है ।

बाढ़ चेतावनी

बांध स्पीलवे गेट से जल छोड़ने के पूर्व बर्दवान, बांकुड़ा व पुरूलिया के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, आईएण्डडब्ल्यू विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार, ईई, डीएचडब्ल्यू, दुर्गापुर था सदस्य आरएण्डएम, सीडब्ल्यूसी, नई दिल्ली समेत जिला प्राधिकारियों को नदी के किनारे-किनारे लगे उद्योगों, म्यूनिसिप्लटियों तथा अन्य को आवश्यक चेतावनी की सूचना दी जाती है ।

जब कभी भी मैथन व पंचेत बाँधों से 1132 क्यूमेक संयुक्त जल छोड़ा जाता है, ऐसी स्थिति में दूरदर्शन तथा आकाशवाणी, क्षेत्रीय समाचार बुलेटिनों के माध्यम विशेष सूचना प्रसारित की जाती है ।