स्व-रोजगार

प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा स्व-रोजगार

डीवीसी ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को उनकी निपुणता बढ़ाने में मदद करने के लिए सक्रिय रूप से लगा हुआ है ताकि वे सही अर्थों में रोजगार प्राप्त कर सके । इस उद्देश्य हेतु निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं :

  • विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए मैथन, सीटीपीएस, बीटीपीएस, डीटीपीएस तथा पंचेत में प्रशिक्षण केन्द्र ।
  • युवाओं को कम्प्यूटर प्रयोग, वेल्डिंग, बढ़ई, मुर्गी पालन, बत्तक पालन, बकरी पालन, पारा वैटरीनरी, पेड़-पौधा लगाने, डेयरी, डीजल पम्प मैकेनिक, मशरूम खेती, सूअर पालन आदि के प्रशिक्षण हेतु बाहरी संगठनों द्वारा संचालित विभिन्न संसाधन केन्द्रों में भेजे जाते हैं ।
  • डीवीसी द्वारा प्रशिक्षित युवाओं को उनके अपने व्यवसाय/उद्यम चालू करने के लिए कच्चा माल तथा सामान के रूप में प्रथम सहायता प्रदान की जाती है ।