उत्पादन इकाइयाँ

संसाधन सम्पन्न दामोदर घाटी क्षेत्र में औद्योगिक विकास ऊर्जा प्रावधानित करने की पुरोधा जिम्मेदारी सहित, डीवीसी ने नवीनतम उपलब्ध तकनीकों का प्रयोग करते हुए उद्योग के लिए पर्याप्त विद्युत की आपूर्ति की है ।

 

डीवीसी ने समय की चुनौतियों तथा तकनीकों को अपनाते हुए पूर्वी क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका बनाये रखी । डीवीसी 1953 से विद्युत उत्पादन तथा पारेषण करता रहा तथा उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को सिर्फ पूरा ही नहीं किया बल्कि विद्युत की बढ़ती मांगों में भी सहायता की जो अपने आप में विकास का एक अभिसूचक है ।

परियोजना अवस्थान संस्थापित क्षमता(मेवा) इकाइयां क्षमता(मेवा) वाणिज्यिक प्रचालन तिथि
इ#1 210 दिसम्बर 1997
इ#2 210 मार्च 1999
इ#1 210 सितम्बर 1999
मेजियातापविद्युत केन्द्र दुर्लभपुर, मेजिया,जिला – बांकुड़ा,राज्य – पश्चिम बंगाल 2340(4X210+2X250+2X500) इ#4 210 फरवरी 2005
इ#5 250 फरवरी 2008
इ#6 250 सितम्बर 2008
इ#7 500 अगस्त 2011
इ#8 500 अगस्त 2012
बोकारोतापविद्युतकेन्द्र-बी बोकारो, जिला –बोकारो, राज्य –झारखण्ड 210(1X210)
इ#3 210 अप्रैल 1994
बोकारोतापविद्युत

केन्द्र-ए

बोकारो, जिला –बोकारो, राज्य –झारखण्ड 500
500 फरवरी 2017
चंद्रपुरातापविद्युत केन्द्र चंद्रपुरा, जिला –बोकारो, राज्य –झारखण्ड 630(1X130+2X250)
इ#3 130 जुलाई 68
इ#7 250 नवम्बर 2011
इ#8 250 जुलाई 2011
दुर्गापुरतापविद्युत केन्द्र दुर्गापुर, जिला –बर्दवान, राज्य –पश्चिम बंगाल 210(1X210)
इ#4 210 सितम्बर 1982
दुर्गापुरस्टील तापविद्युत केन्द्र अंडाल, जिला –बर्दवान, राज्य –पश्चिम बंगाल 1000(2X5000) इ#1 500 मई 2012
इ#2 500 मार्च 2013
कोडरमातापविद्युत केन्द्र कोडरमा, जिला –कोडरमा, राज्य –झारखण्ड 1000(2X5000) इ#1 500 जुलाई 2013
इ#2 500 जून 2014
रघुनाथपुर ताप विद्युत केन्द्र रघुनाथपुर, जिला – पुरुलिया, राज्य –पश्चिम बंगाल 1200(2X6000) इ#1 600 मार्च 2016
इ#2 600 मार्च 2016
मैथन, नदी – इ#1 20 अक्टूबर 1957
मैथनपनबिजली केन्द्र बराकर, जिला –बर्दवान, राज्य –पश्चिम बंगाल 63.2(2X20+1X23.2) इ#2 23.2 मार्च 1958
इ#3 20 दिसम्बर 1958
पंचेतपनबिजली केन्द्र पंचेत, नदी –दामोदर, राज्य –झारखण्ड 80(2X40) इ#1 40 दिसम्बर 1959
इ#2 40 मार्च 1991
तिलैयापनबिजली केन्द्र तिलैया, नदी –बराकर, जिला –हजारीबाग, राज्य –झारखण्ड 4(2X2) इ#1 2 फरवरी 1953
इ#2 2 जुलाई 1953
कुल 7237.2 मेवा