खनन

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खनन कार्यकलाप

डीवीसी ने बोकारो-ए ताप विद्युत केन्द्र की कोयला आवश्यकता को पूरा करने के लिए भारतीय रेलवे से जिला बोकारो, झारखंड के बेरमो अवस्थित अपना निजी कोयला खदान अर्जित कर 1951 में खनन क्रियाकलाप शुरू किया ।

10वीं तथा 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान क्षमता संयोजन कार्यक्रम के अधीन आनेवाले नये विद्युत संयंत्रों की कोयला आवश्यकता पूरी करने के लिए, डीवीसी को 2005 में कोयला मंत्रालय, भारत सरकार से तीन कोयला ब्लॉक यथा; बड़जोरा (उत्तर), खगरा जयदेव एवं कास्ता (पूर्व) आबंटित किये गये । कास्ता (पूर्व) कोयला ब्लॉक मितव्ययी न होने के कारण डीवीसी द्वारा छोड़ दिया गया था । तदुपरांत, विद्युत मंत्रालय ने दो और कोयला ब्लॉक यथा; गोंदुलपाड़ा कोयला ब्लॉक डीवीसी और तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड, झारखंड को समान रूप से खनन और हिस्सेदारी के लिए संयुक्त रूप से तथा सहारपुर-जमारपानी कोयला ब्लॉक आबंटित किये ।

 

नये अधीकृत कोयला ब्लॉकों से कोयला निकालने के लिए मेसर्स इस्टर्न मिनरल्स एंड ट्रेडिंग एजेंसी (एम्टा) के साथ डीवीसी द्वारा एक संयुक्त उद्यम कम्पनी यथा; डीवीसी एम्टा कोल माइन लिमिटेड का गठन किया गया था । संयुक्त उद्यम कम्पनी द्वारा मार्च 2011 से बड़जोरा (उत्तर) कोयला ब्लॉक से कोयला उत्पादन शुरू किया गया । खगरा जयदेव कोयला ब्लॉक हेतु सभी सांविधिक स्वीकृतियां प्राप्त हो गयी हैं लेकिन भू-अधिग्रहण मामले के कारण उत्पादन शुरू नहीं किया जा सका ।

 

बेरमो खदान का कार्यप्रदर्शन

वर्ष लक्ष्य कोयला उत्पादन (टन) वास्तविक कोयला उत्पादन (टन)
2011 – 2012 300000 328321
2012 – 2013 300000 203055
2013 – 2014 300000 53748

 

बरजोरा (उत्तर) कोयला ब्लॉक का कार्यप्रदर्शन

वर्ष लक्ष्य कोयला उत्पादन (टन) वास्तविक कोयला उत्पादन (टन)
2011 – 2012 770000 1165532.00
2012 – 2013 1600000 1836004.48
2013 – 2014 3000000 1519344.71